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₹ दान पर 80G कर छूट उपलब्ध
✨ बेटियाँ — समाज की शान, देश की ताक़त

हमारा उद्देश्य बेटियों का उत्थान, सम्मान, स्वाभिमान पर कार्य करना।

बेटिया उत्थान फाउंडेशन एक पंजीकृत ट्रस्ट है जो बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए निःस्वार्थ भाव से कार्य करता है। आपका सहयोग किसी बेटी का भविष्य बन सकता है।

पंजीकृत ट्रस्ट
पारदर्शी सेवा
80G कर छूट
फाउंडेशन प्रतीक

“ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ”

— एक जागरूक नागरिक की पहली ज़िम्मेदारी


12,500+बेटियाँ लाभान्वित
350+गाँव कवर
1,200+स्वयंसेवक
ए.के.

ए.के. राजीव

संस्थापक — बेटिया उत्थान फाउंडेशन (B.U.F)

सम्पादक, क्राइम वॉच हिन्दी

हमारी कहानी

एक पत्रकार की कलम से निकला एक संकल्प

क्राइम वॉच हिन्दी के सम्पादक श्री ए.के. राजीव जी वर्षों तक अपराधों की रिपोर्टिंग करते रहे। खबरों की स्याही सूखने के बाद भी एक बात उनके मन को कचोटती रहती थी — अपराध का सबसे बड़ा दंश अक्सर उन बेटियों को झेलना पड़ता है, जिनके पास न शिक्षा होती है, न सहारा, और न ही अपनी बात कहने की हिम्मत।

तब एक सवाल उठा — सिर्फ़ खबर देना काफ़ी है, या कुछ करना भी चाहिए? इसी सवाल ने बेटिया उत्थान फाउंडेशन (B.U.F) को जन्म दिया। शुरुआत बहुत छोटी थी — कुछ किताबें, कुछ स्वयंसेवक और एक ही संकल्प: कोई बेटी पढ़ाई से वंचित न रहे।

“ खबरें अपराध बताती हैं, लेकिन शिक्षा अपराध रोकती है। हमें खबर से आगे बढ़कर समाधान बनना है। ” — ए.के. राजीव, संस्थापक, बेटिया उत्थान फाउंडेशन

आज यही छोटा-सा प्रयास गाँव-गाँव तक पहुँच चुका है। हमने बाल विवाह रोकने में परिवारों को समझाया, स्कूल छोड़ चुकी बेटियों को दोबारा कक्षा में बैठाया, स्वास्थ्य शिविरों से हज़ारों किशोरियों तक दवा और जागरूकता पहुँचाई — और सबसे ज़रूरी बात, उन्हें यह विश्वास दिलाया कि वे अकेली नहीं हैं।

यह कहानी अभी पूरी नहीं हुई है। आपके एक दान, एक घंटे की सेवा या एक शुभ संकल्प से इस अध्याय में नया पन्ना जुड़ेगा।

B.U.Fबेटिया उत्थान फाउंडेशन
3कार्य क्षेत्र — शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा
1संकल्प — कोई बेटी न छूटे
बेटिया उत्थान फाउंडेशन
“ जहाँ बेटियाँ जागेंगी, वहीं समाज आगे बढ़ेगा ” — फाउंडेशन का मूल मंत्र
हमारा परिचय

हम कौन हैं?

बेटिया उत्थान फाउंडेशन एक पंजीकृत, गैर-सरकारी सामाजिक सेवा ट्रस्ट है। हमारा उद्देश्य हर बेटी को शिक्षा का अधिकार, सुरक्षित वातावरण, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ और आत्मनिर्भर बनने के अवसर देना है — चाहे वह गाँव की हो या शहर की।

ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य शिविर, कौशल प्रशिक्षण और कानूनी सहायता के माध्यम से हम बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं। हमारा हर रुपया, हर सामान और हर सेवा का हिसाब पारदर्शी रूप से रखा जाता है।

  • पंजीकृत ट्रस्ट — पूरा विश्वास, पूरी पारदर्शिता
  • दान पर 80G के तहत कर छूट की सुविधा
  • गाँव-गाँव तक सेवा में उपस्थित स्वयंसेवक दल
  • लाभार्थियों की चयन प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष

हमारी दृष्टि

ऐसा समाज जहाँ हर बेटी सुरक्षित हो, शिक्षित हो और अपने सपनों को उड़ान दे सके — बिना किसी भेदभाव के।

हमारा ध्येय

शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और कौशल विकास — इन चार स्तंभों पर कार्य कर बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना।

संस्थापक की कहानी

एक पत्रकार की कलम से निकला एक संकल्प

कोरोना काल (साल 2021) में एक अंधेरे दौर से गुज़र रहे ए.क. राजीव की यह कहानी है — जिसमें एक आध्यात्मिक संकल्प ने "बेटी व्रत" की धारा प्रारंभ की।

कोरोना का वह काल, साल 2021। मैं गहरे दुख में डूबा था। जीवन रहेगा या नहीं, कुछ समझ नहीं आता था। एक-एक दिन ऐसा कटता था जैसे पूरा एक साल बीत रहा हो — न कोई कहीं आता था, न जाता था। बस पड़े रहना और समय के गुज़रने का इंतज़ार करना।

उन्हीं दिनों एक सुबह, लगभग चार बजे, मन में एक भाव उठा। ऐसा लगा जैसे किसी ने भीतर से कहा हो:

"तुम्हें अब कुछ अच्छा करना है। अच्छे से भी अच्छा। और बिल्कुल लीक से हटकर।"

वह भोर का समय था। फिर दिन शुरू हुआ, दिन बीता, रात आई और मैं सो गया। पर उस भाव ने मेरा साथ नहीं छोड़ा।

कुछ दिन बाद एक और सुबह एक और भाव आया, जिसने मेरी सोच की दिशा ही बदल दी। मन ने कहा — जब मैं इस दुख से बाहर निकलूँगा, तो क्यों न बेटियों के लिए एक व्रत का आयोजन करूँ?

एक सवाल, जो चुभ गया — हमारे समाज में बेटियाँ सदियों से व्रत रखती आई हैं। कभी भाई के लिए, कभी पति के लिए, कभी परिवार के लिए... पर कभी बेटियों के लिए व्रत क्यों नहीं हुआ? जो सबके लिए उपवास रखती है, उसके लिए किसी ने संकल्प क्यों नहीं लिया? यह कैसा समाज है?

इसी प्रश्न से मेरा संकल्प जन्मा। मैंने स्वयं से कहा कि मैं यह व्रत पृथ्वी पर लेकर आऊँगा — बेटियों के लिए पहला व्रत। फिर उसी संकल्प से "बेटी व्रत" की पूरी रचना हुई।

31 अक्टूबर 2026समर्पण का दिन
ए.क. राजीवसंस्थापक एवं क्राइम वॉच हिन्दी सम्पादक
बेटी व्रतपहला सामाजिक व्रत आंदोलन

आज वही रचना मैं आप सबको समर्पित कर रहा हूँ — 31 अक्टूबर 2026 को। यह किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, हर उस बेटी का सम्मान है जिसने बिना कहे अपना सब कुछ दिया।

मैं मानता हूँ कि इंसान को कुछ पता नहीं होता। वह सोचता है कि वह कर रहा है, पर करवाने वाला कोई और है और श्रेय किसी और को मिलता है। उस अंधेरे दौर में जो भाव मुझे मिला, वह मेरा नहीं था। मैं तो बस माध्यम बना।

"जो किया सो हरि किया, भया कबीर कबीर।" — कबीर

करने वाला हरि है। हम तो बस नाम के लिए आगे खड़े हैं।

आइए, इस नई सोच के साथ आज से हर साल एक दिन अपनी बेटी के नाम एक उपवास करें। यह आपका कदर है और मेरा कटोरा। 🙏🏻

हमारे उद्देश्य

बेटियों के उत्थान के चार स्तंभ

हमारा कार्य हर बेटी के जीवन के हर पड़ाव पर साथ खड़ा रहना है — पढ़ाई से लेकर स्वाभिमान तक।

शिक्षा

बाल विवाह और ड्रॉपआउट रोकना, छात्रवृत्ति देना, मुफ़्त कोचिंग व पुस्तक वितरण — ताकि कोई बेटी पढ़ाई छोड़ने को मजबूर न हो।

सुरक्षा व सम्मान

बाल विवाह, दहेज उत्पीड़न और अत्याचार के विरुद्ध जागरूकता, कानूनी मदद और पीड़ित बहनों के पुनर्वास में सहायता।

स्वास्थ्य व पोषण

निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, सैनिटरी हाइजीन जागरूकता, किशोरियों के लिए पोषण और मानसिक स्वास्थ्य सहायता।

कौशल व रोज़गार

सिलाई-कढ़ाई, कंप्यूटर, ब्यूटीशियन, डिजिटल साक्षरता जैसे प्रशिक्षण — बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना।

हमारी प्रगति

गर्व के साथ — हमारी उपलब्धियाँ

यह सब संभव हुआ है आप जैसे दानदाताओं और स्वयंसेवकों के सहयोग से।

0बेटियाँ लाभान्वित
0गाँवों तक सेवा
0विद्यालयों से जुड़ाव
0सक्रिय स्वयंसेवक
चल रहे कार्यक्रम

हमारी सेवा यात्रा

फाउंडेशन के प्रमुख कार्यक्रम जो बेटियों के जीवन में बदलाव ला रहे हैं।

“बेटी पढ़े, बेटी बढ़े” छात्रवृत्ति योजना

गरीब और ज़रूरतमंद बेटियों की पढ़ाई की पूरी फ़ीस, किताबें और स्टेशनरी फाउंडेशन द्वारा वहन की जाती है।

सक्रिय

सुरक्षित बेटी जागरूकता अभियान

विद्यालयों और गाँवों में बाल विवाह, दहेज, छेड़खानी और कानूनी अधिकारों पर निःशुल्क जागरूकता गोष्ठियाँ।

सक्रिय

आरोग्य बेटी स्वास्थ्य शिविर

निःशुल्क चिकित्सा जाँच, सैनिटरी हाइजीन किट वितरण और किशोरियों के लिए पोषण सत्र।

सक्रिय

कौशलम् प्रशिक्षण केंद्र

सिलाई-कढ़ाई, कंप्यूटर, ब्यूटीशियन व स्वरोज़गार प्रशिक्षण — प्रमाणपत्र के साथ रोज़गार की गारंटी।

सक्रिय
लोग क्या कहते हैं

समाज के विचार

उन लोगों की ज़ुबानी जिनके जीवन में फाउंडेशन ने बदलाव लाया।

★★★★★

“फाउंडेशन की टीम हमारे गाँव आई और बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। मेरी बेटी अब बी.ए. कर रही है। यह सब इन्हीं की वजह से संभव हुआ।”

सु
सुनीता देवीग्राम सराय, उत्तर प्रदेश
★★★★★

“स्वास्थ्य शिविर में मुफ़्त जाँच और दवाई मिली। स्वयंसेवक बहनों ने बड़े प्यार से समझाया। ऐसी संस्थाएँ समाज के लिए वरदान हैं।”

रे
रेखा सिंहस्वयंसेविका
★★★★★

“दान का हर रुपया सही जगह पहुँचता है — इसकी जानकारी हमें हर माह मिलती है। पारदर्शिता हमारा सबसे बड़ा भरोसा है।”

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अनिल वर्मादानदाता, कानपुर
संपर्क करें

हमसे जुड़ें, बात करें

किसी भी सुझाव, सहयोग या जानकारी के लिए हमें लिखें — हम आपको उत्तर देने के लिए बाध्य हैं।

मुख्य कार्यालयबेटिया उत्थान फाउंडेशन (B.U.F),
P-1, नेहरू एन्क्लेव, लखनऊ, उत्तर प्रदेश — 226010
सेवा समयसोमवार – शनिवार: सुबह 9:00 – शाम 6:00
रविवार: केवल आपातकालीन संपर्क

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